ग्रहों के यंत्र

वैदिक परंपरा में यंत्रों को विशेष ज्यामितीय प्रतीकों के रूप में वर्णित किया गया है, जिनका संबंध ग्रहों से जुड़ी मान्यताओं और साधना-पद्धतियों से जोड़ा जाता है। यहाँ प्रस्तुत विवरण शैक्षिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन के उद्देश्य से दिया गया है।

सूर्य यंत्र

स्थापना परंपरा: रविवार, प्रातः | मंत्र: “ॐ घृणि सूर्याय नमः”

सूर्य यंत्र का उल्लेख वैदिक ग्रंथों में सूर्य तत्व, अनुशासन और आत्मबल के प्रतीकात्मक अध्ययन के संदर्भ में मिलता है।

चंद्र यंत्र

स्थापना परंपरा: सोमवार | मंत्र: “ॐ सोमाय नमः”

चंद्र यंत्र का वर्णन मन, भावना और चित्त से जुड़े पारंपरिक प्रतीकों के अध्ययन में किया गया है।

मंगल यंत्र

स्थापना परंपरा: मंगलवार | मंत्र: “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”

मंगल यंत्र को वैदिक परंपरा में कर्म, ऊर्जा और साहस के प्रतीकात्मक अध्ययन से जोड़ा गया है।

बुध यंत्र

स्थापना परंपरा: बुधवार | मंत्र: “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः”

बुध यंत्र का उल्लेख वाणी, बुद्धि और संवाद से संबंधित सांस्कृतिक प्रतीकों के अध्ययन में मिलता है।

बृहस्पति यंत्र

स्थापना परंपरा: गुरुवार | मंत्र: “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः”

बृहस्पति यंत्र को ज्ञान, गुरु-परंपरा और नैतिक मूल्यों के प्रतीकात्मक अध्ययन में वर्णित किया गया है।

शुक्र यंत्र

स्थापना परंपरा: शुक्रवार | मंत्र: “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः”

शुक्र यंत्र का उल्लेख सौंदर्य, कला और सामाजिक संबंधों से जुड़े प्रतीकों के अध्ययन में किया गया है।

शनि यंत्र

स्थापना परंपरा: शनिवार | मंत्र: “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः”

शनि यंत्र को वैदिक परंपरा में कर्म, संयम और अनुशासन के प्रतीकात्मक अभ्यास से जोड़ा गया है।

राहु यंत्र

स्थापना परंपरा: शनिवार | मंत्र: “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः”

राहु यंत्र का वर्णन वैदिक ज्योतिष में छाया ग्रह से संबंधित सांस्कृतिक मान्यताओं के अंतर्गत मिलता है।

केतु यंत्र

स्थापना परंपरा: मंगलवार / गुरुवार | मंत्र: “ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः”

केतु यंत्र का उल्लेख वैदिक दर्शन, वैराग्य और आध्यात्मिक प्रतीकों के अध्ययन में किया गया है।

अस्वीकरण: यह सामग्री वैदिक शास्त्रों पर आधारित सामान्य जानकारी के लिए है। यंत्रों से संबंधित विवरण धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इसे किसी भी प्रकार की चिकित्सीय, कानूनी या व्यावसायिक सलाह न माना जाए।

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